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तबरेज मॉब लिंचिंग कांड नया मोड़ लेते हुये दिख रहा है

लाला जबीन, जमशेदपुर, १३ सितंबर : सरायकेला खरसावां के चर्चित तबरेज मॉब लिंचिंग कांड नया मोड़ लेते दिख रहा है। एक ओर जहां पुलिस पोस्टमार्टम को सच मानते हुए धारा 302 हटाकर 304 में कन्वर्ट कर चार्जशीट करने की तैयारी में है वही सरायकेला खरसावां के सदर हॉस्पिटल के उपाधीक्षक डॉक्टर बरियल मार्डी का कहना है के अगर तबरेज को उसी वक्त समुचित इलाज किया जाता तो बच सकता था उन्होंने बताया कि जब तबरेज जेल गया जेल के डॉक्टर अवकाश पर थे इससे उसकी हालत और भी बिगड़ी उसके बाद जेल के अधिकारियों ने नजरअंदाज किया। जब शाम को तबीयत ज्यादा बिगड़ी तब सरायकेला खरसावां के सदर हॉस्पिटल से डॉक्टर बुलाकर जांच की गई उसके बाद डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच करने के बाद डॉक्टर वापस हॉस्पिटल आ गया। 

जिसके बाद सुबह फिर से हालत और बिगड़ी तब जेल के अधिकारियों ने आनन-फानन में तबरेज को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे जहां पर जांच के दरमियान तबरेज की मौत मौत हो गई।  जिसके बाद तबरेज के परिजनों ने हॉस्पिटल में हंगामा किया।  उसके बाद मृतक शरीर को लेकर परिजनों ने जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल पहुंचे जहां पर डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं इस सदर हॉस्पिटल के उप अधीक्षक के अनुसार अगर हॉस्पिटल में सिटी स्कैन की सुविधा होती या तबरेज को उचित इलाज मिलता तो शायद तबरेज आज जिंदा होता।  अगर झारखंड की चरमराई स्वस्थ सेवा ठीक होती तो आज तबरेज हमारे बीच जिन्दा होता और इतना हंगामा आज नहीं होता।

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