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कोयलांचल में पानी के लिए मची हाहाकार, सड़क जाम हटवाने गए विधायक को प्यासे लोगों ने सुना दी खरीखोटी

  • कोयलांचल में पानी के लिए मची हाहाकार, सड़क जाम हटवाने गए विधायक को प्यासे लोगों ने सुना दी खरीखोटी।
  • माडा कर्मियों के हड़ताल की वजह से पिछले एक सप्ताह से बन्द है जलापूर्ति।

धनबाद : गत एक सप्ताह से बून्द बून्द पानी के लिए त्रस्त जनता का सब्र आख़िरकार गुरुवार को टूट ही गया। जनता सड़क पर उतर गई और धनबाद रांची NH 32 मुख्य मार्ग को केंदुआ डीह में जाम कर स्थानिय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों को समझाने बुझाने गए धनबाद विधायक राज सिन्हा को भी लोगों ने नही बख्सा ओर खरीखोटी सुनाई।आपको बता दें कि झमाडा के कर्मचारी नेता छठे वेतनमान के आधार पर वेतन देने तथा बकाया वेतन का भुगतान की मांग लेकर 13 सितम्बर से ही आंदोलनरत हैं। झमाडा कर्मियों ने कोयलांचल की जलापूर्ति ठप कर रखी है। इधर धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने पहल कर हड़ताली नेताओं और धनबाद के उपायुक्त के बीच वार्ता आयोजित भी कराया था। इस त्रिपक्षीय वार्ता में लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी थी और झमाडा कर्मियों ने भी इस वार्ता के बाद हड़ताल तोड़ने की बात कही थी। लेकिन एक पत्र के कारण झमाडा कर्मियों का हड़ताल नही टूट पाया।

झमाडा के हड़ताली नेताओं का कहना था कि उपायुक्त की अध्यक्षता में जो वार्ता हुई थी, उससे सम्बंधित एक पत्र उन्हें दिया जाए। इस बैठक में झमाडा के अधिकारी भी शामिल थे। झमाडा के हड़ताली नेताओं ने कहा कि कट ऑफ डेट के लिए थोड़ा समय मांगा गया था। जिला प्रशासन और झमाडा प्रबन्धन वार्ता से सम्बंधित पत्र देने से जब मुकर गयी तो उन्होंने बाध्य होकर हड़ताल जारी रखा। इधर झमाडा के एक अन्य गुट के नेता रांची जाकर नगर विकास मंत्रालय से सम्बंधित अधिकारियो संग वार्ता किये। वहां भी वार्ता विफल हो गयी।जिला प्रशासन हड़तालियों का मनोबल तोड़ने के लिए दूसरे विभाग का सहयोग लेकर जलापूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रही है। इससे आंशिक रूप से कुछ ही क्षेत्रो में जलापूर्ति सम्भव हो पा रही है। जबकि बड़े क्षेत्र में जलापूर्ति ठप्प है।

जानकारी के अनुसार झमाडा कर्मियों को ही क्षेत्र के वॉल्व की पूरी जानकारी है। अस्थायी व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को वॉल्व की सही जानकारी नही होने के कारण वह सामान्य ढंग से जलापूर्ति व्यवस्था बहाल नही कर पा रहे।झरिया के कोलियरी क्षेत्रो सहित केंदुआ, करकेंद, पुटकी, भौंरा, भूली, कतरास सहित अन्य बड़े क्षेत्रो में अब पानी के लिए हाहाकार देखने को मिल रहा है। जल संकट से त्रस्त केंदुआडीह के लोग आज सड़क पर उतर “जल दो या जेल दो” का नारा लगाने लगें। उग्र नागरिक जन प्रतिनिधि और प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप कर दिया।वहीं लोगों को समझाने बुझाने गए विधायक राज सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोग जैसे ही सड़क जाम हटाएंगे महज आधे घंटे के अंदर जलापूर्ति शुरू कराने की जिम्मेदारी उनकी है।

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